Quotes by गुलज़ार Gulzar

किताबों से कभी गुजरो तो यूँ किरदार मिलते हैं,गए वक्तों की ड्योढ़ी में खड़े कुछ यार मिलते हैं,जिसे हम दिल का वीराना समझकर छोड़ आये थे,वहाँ उजड़े हुए शहरों के कुछ आसार मिलते हैं !!
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किताबों से कभी गुजरो तो यूँ किरदार मिलते हैं,गए वक्तों की ड्योढ़ी में खड़े कुछ यार मिलते हैं,जिसे हम दिल का वीराना समझकर छोड़ आये थे,वहाँ उजड़े हुए शहरों के कुछ आसार मिलते हैं !!